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Wind power generation

 

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Wind power generation-Wind यानी हवा के द्वारा बिजली कैसे बनाई जाती है? आइए जाने।



 wind यानी हवा के  का रूप है जोकि पृथ्वी में प्रचुर मात्राwind यानी हवा के का रूप है जोकि पृथ्वी में प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, यह एक रिन्यूएबल एनर्जी है जो कभी समाप्त नहीं होता है जिसका उपयोग हम पावर यानी इलेक्ट्रिसिटी  जनरेट करने में कर सकते हैं।


Advantage of wind energy:-

  • Pollution free
  • Renewable
  • Low running cost 
  • Job creation 
  • Wind energy are available in free and unlimited quantity.

Disadvantage of wind energy:

  • Noise pollution
  • Effect of local wildlife
  • Wind fluctuation is very big problem.


Working principal of wind energy conversation system


Kinetic................>Mechanical ............>Electrical




Wind power plant- जब विंड का  फ्लो होता है तो wind  पावर प्लांट्स में जो विंड टरबाइन लगे होते हैं वह rotate करने लगते हैं और उस विंड टरबाइन के ब्लेड के रोटेट करने से उससे सॉफ्ट से कनेक्ट गियर बॉक्स और साथ कनेक्ट जनरेटर का रोटर भी रोटेट करता है जिससे इलेक्ट्रिसिटी प्रोड्यूस हो जाती है।

Wind energy एक renewable energy का source है जोकि प्रकृति में unlimited quantity में उपलब्ध है जिसका उपयोग हम power generation करने में करते हैं।



Basically सभी टाइप के पावर प्लांट्स में इलेक्ट्रिसिटी जेनरेट करने के प्रिंसिपल लगभग सेम है सभी पावर प्लांट में हम किसी एनर्जी के मदद से टरबाइन को रोटेट कराते हैं और कुछ टरबाइन के सॉफ्ट से अल्टरनेटर या जनरेटर को कपल कनेक्ट करके उससे इलेक्ट्रिसिटी प्रोड्यूस  करते हैं।




Construction-basically wind turbine का कंस्ट्रक्शन सारे जगहों पर नहीं किया जा सकता है इसके construction के लिए हमें site selection  का खास ध्यान  रखना पड़ता है, जैसे कि:
1. High annual average wind speed होना चाहिए।
2. Anemometry data को ध्यान में रखा जाता है।
3. Road और railway track से दूर होना चाहिए।
4. सस्ते दाम के जमीन होने चाहिए।







Major components of wind Power plant:-

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Image source-Google। Image by-Britannica.com



Following are the major components of wind power generation:-
  1. Rotor
  2. Blade
  3. Nacele
  4. Gear box
  5. Anemometer
  6. Yaw system
  7. Generator
  8. Tower 
1. Rotor - rotor एक rotating part होता है। जब जब wind का flow होता है तो turbine का rotor rotate करता है जिससे की उसके साथ connected gear box के साथ generator का rotor भी rotate  करता है जिससे electricity produce होती है।





2.Blade:- Generally wind power plant मैं 3 ब्लड्स वाले टरबाइन होते हैं जिनका साइज लगभग 40 से 90 मीटर का होता है। यह blade काफी बड़े साइज के होते हैं ।






3. Nacele:- यह एक बड़े आकार का nacele house होता है जिसमें major components को install किया जाता है जैसे कि gear box, alternator, bralong system, controlling system etc । एक अनुमान के हिसाब से बोला जाए तो Nacele house  का साइज एक 3BHK flate के size  का होता है।




4. Gear box:- wind turbine में gear box  important role play करता है। जब हवा चलती है तो टरबाइन रोटेट करता है और gear boxhelp से speed ratio को increase करता है । आजकल के विंड टरबाइन में 1:100 का speed ratio होता है यानी कि turbine का blade एक बार rotate करेगा तो gear box 100 बार rotate करेगा। Gear box का यह advantage है की हवा का speed कम भी हो तो वह उसके स्पीड को बढ़ा देता है।




5. Anemometer:- यह एक डिवाइस है जो की wind के speed और direction का measurement करता है।






6.Yaw system:- यह एक सिस्टम है जो टावर के टॉप में इंस्टॉल होता है। यह सिस्टम तभी work करता है जब हवा का direction change होता है। जब हवा का  direction change होता है तब एनीमोमीटर सिग्नल देता है फिर yaw system हवा के डायरेक्शन के according work करता है। 






7. Generator:- जनरेटर एक इलेक्ट्रिकल डिवाइस है जो कि mechanical energy को electrical energy में convert करता है।

Wind power  plant  में जनरेटर का काम वही है जो सारे power plant में है।
Wind power plant में generator Nacele house में install होता है। यह जनरेटर turbine के साथ gearbox के through connect होता है।
जब हवा चलती है तो टरबाइन रोटेट करता है उसके साफ्ट से कनेक्टेड गियर बॉक्स के through connected generator भी रोटेट करता है जिससे कि electricity generate होती है।







8. Tower:- विंड पावर प्लांट में विंड टरबाइन को इंस्टॉल करने के लिए ऊंचे ऊंचे टावर बनाए जाते हैं जो की सामान्यत: खोखले cylindrical shape के होते हैं जिसमें wind turbine को install किया जाता है। इसमें टावर का आकार इसलिए खोखला रखा जाता है क्योंकि power cable को सुरक्षित रखा जा सके और अगर Nacele house में या turbine में कोई problem आए तो उसमें आसानी से पहुंचा जा सके।








Types of wind turbine:-

 Construction के आधार पर wind turbine दो तरह के होते हैं,

1. Horizontal axis wind turbine(HAWT)



Image source-Google। Image by-Electrical4U





2. Vertical axis wind turbine(VAWT)

Image source-Google। Image by-Pinterest.com






Horizontal Axis wind turbine और vertical axis wind turbine दोनों टाइप के टरबाइन का वर्किंग प्रिंसिपल एक ही होता है, बस इनके कंस्ट्रक्शन अलग होते हैं।

Horizontal axis wind  turbine (HAWT) की बात की जाए तो इसमें काफी ऊंचे टावर होते हैं और tower के टॉप में Nacele house में सभी major component install होते हैं। इसमें काफी बड़े साइज के ब्लड का उपयोग किया जाता है सामान्यता इसमें दो या तीन blade का उपयोग किया जाता है जिसका साइज लगभग 40 से 90 मीटर तक होते हैं।

Wind turbine एक मशीन है जो हवा से ऊर्जा द्वारा संचालित होती है। इसे हवा से kinetic energy को electric Energy (बिजली) में बदलने के लिए डिज़ाइन किया गया है। पवन टरबाइन के major components  जिसमें ब्लेड, हब, शाफ्ट और टॉवर शामिल हैं, आवश्यक 0.5 KW को पूरा करने के लिए डिजाइन और गढ़े गए थे और टर्बाइन को समुद्र तल से 5 मीटर की ऊंचाई पर रखा गया था। परीक्षण के परिणाम से पता चला कि पवन टरबाइन 153.5 आरपीएम की रोटर गति से लगभग 500 W का  उत्पादन करने में सक्षम है। पवन टरबाइन के डिजाइन और निर्माण चरणों में लागू किए गए आवश्यक डिजाइन विवरण इस पवन टरबाइन के बेहतर प्रदर्शन की उच्च आशा की गारंटी देते हैं।




Advantage and disadvantage of HAWT and VAWT:



Horizontal Axis wind turbine की सबसे बड़े advantage की बात की जाए तो इसका efficiency अधिक होता है वर्टिकल turbine के कंपैरिजन में, क्योंकि यह मैक्सिमम विंड को यूटिलाइज कर एनर्जी प्रोड्यूस करता है। जबकि vertical Axis wind turbine का efficiency  50% ही होता है, क्योंकि यह मैक्सिमम wind को यूटिलाइज नहीं कर पाता है। और यह इसका सबसे बड़ा disadvantage है।


Vertical Axis wind turbine में सभी मेजर component tower के नीचे install  होते हैं। जिससे कि उसके मेंटेनेंस में कोई भी प्रॉब्लम नहीं होती और कॉम्पोनेंट्स नीचे होने की वजह से उसके फाउंडेशन को बनाने में ज्यादा खर्च नहीं करना पड़ता है। जबकि horizontal axis wind turbine में tower के टॉप 
nacele house में सभी major component install होते हैं जिससे कि टावर का फाउंडेशन काफी मजबूत बनाना पड़ता है, जिससे कि टावर के फाउंडेशन में खर्च ज्यादा होता है और साथ ही मेंटेनेंस में काफी प्रॉब्लम आते हैं।








IMPORTANT DATA ABOUT WIND ENERGY


As of  February 2021, the total installed wind power capacity was 38.789GW. 
India is the fourth largest wind mill installed in the world.






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