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Solar power plant
Solar power plant में solar radiation का उपयोग करके solar energy या लाइट एनर्जी को डायरेक्ट इलेक्ट्रिकल एनर्जी में convert किया जाता है इसमें solar cell या photo voltaic cell उपयोग किया जाता है सोलर सेल का उपयोग करके solar module बनाया जाता है और बहुत सारे मॉड्यूल को collect कर के solar array बनाया जाता है जिसे सोलर पावर प्लांट में उपयोग किया जाता है। Solar power plant में solar panels को सोलर ट्रैकिंग सिस्टम के साथ जोड़ा जाता है जिससे कि सोलर पावर प्लांट की efficiency बढ़ाया जा सके।
Generally solar power plant दो types के होते हैं:-
1. photovoltaic solar power plant
2. Solar thermal power plant
Solar radiation/solar energy:-
अगर हम आसान भाषा में कहे तो जो एनर्जी sun से आ रही है उसे ही हम सोलर रेडिएशन कहते हैं। जो energy Sun से निकल रही होती है उसे इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एनर्जी भी करते हैं। सन के पास बहुत ही अधिक मात्रा में हीलियम और हाइड्रोजन होते हैं। सन के पास इतने हाई अमाउंट में heat और light होने का मुख्य कारण nuclear fission reaction है। Continuously high temperature aur high pressure में sun पर nuclear fission reaction होते रहता है, जिसमें हाइड्रोजन का कन्वर्जन हिलियम में होता है जिसके कारण अधिक मात्रा में heat और लाइट प्रोड्यूस होती है।Sun के core का temperature 10000000 Kelvin तथा surface का temperature 5880 Kelvin होताा है।Sun का radiation पृथ्वी तक आने में लगभग 8 मिनट 16 सेकंड का समय लगता है। सोलर रेडिएशन के अंदर अलग-अलग रेंज के इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेब पाए जाते हैं, जैसे
- Ultraviolet
- Visible light
- Infrared
- X-rays
- Radio wave
- Microwave
- Gamma rays
Solar cell में visible light का उपयोग करके light energy को electrical energy में convert किया जाता है।
Solar cell/photovoltaic cell/pv cell:
Solar cell को photovoltaic cell या pv cell भी कहते हैं। Solar cell , एक इलेक्ट्रिकल डिवाइस है जोकि सोलर एनर्जी को इलेक्ट्रिकल एनर्जी में कन्वर्ट करता है। Solar cell , photovoltaic effect का उपयोग करके लाइट एनर्जी को इलेक्ट्रिकल एनर्जी कन्वर्ट करता है। सोलर सेल बनाने के लिए हमें सिलिकॉन की जरूरत पड़ती है जो हमें आसानी से रेत या सिलिकॉन ऑक्साइड को कार्बन के साथ 2000 degree centigrade पर गर्म करके silicon को निकाल लिया जाता है, यह एक semiconductor material होती है और इसका atomic number 14 होता है इसके आउटर सेल में 4 इलेक्ट्रॉन होते हैं। इसमें doping किया जाता है।
एक सोलर सेल से बहुत ही कम output power generate हो पाते हैं लगभग 0.5volt . इसलिए बहुत सारे सोलर सेल को मिलाकर सोलर मॉड्यूल बनाया जाता है जिससे अच्छी मात्रा में energy produce होगी।
Solar cell दो तरह के मटेरियल से मिलकर बनता है p-type मैटेरियल और n-type मैटेरियल । इसमें n-type का thickness p- typeके comparison में कम होता है। यह एक PN junction diode की तरह कार्य करता है।
Material used in in solar cell:-
- Si (silicon)
- GaAs (gallium arsenide)
- CdTe (cadmium telluride)
- CuInSe2 (copper Indian selenide
Criteria for materials to be used in solar cell:
- Band gap 1ev से 1.8ev होनी चाहिए।
- High optical absorber होनी चाहिए।
- High electrical conductivity होनी चाहिए।
- Material का cost कम होना चाहिए।
Types of solar cell:-
- Monocystalline
- Poly crystalline
- Thin film
1. monocystalline-
Monocrystalline solar cell एक single silicon crystal cell की बनी होती है, जोकि सामान्यता black colour में पाए जाते हैं। इस प्रकार की सोलर सेल अधिक efficient होती है क्योंकि यह सेल सभी लोकेशन पर suitable है और इसका आउटपुट भी polycrystalline cell के comparison मैं ज्यादा देता है,जिसकी वजह से इसका cost भी ज्यादा हो जाता है।
Advantage of monocrystalline solar cell:-
- Black colour
- Single Crystal
- More efficient
- Suitable for any location
- Less space requirements
Disadvantage of monocrystalline solar cell:-
- High cost is the most popular disadvantage of this type of solar cell .
2. Poly crystalline :-
Polycrystalline solar cell , यह एक multi silicon crystal cell की बनी होती है, जो generally blue या dark blue colour की होती है। यह सोलर सेल monocrystalline solar cell के comparison में कम efficient होते हैं, क्योंकि इस प्रकार के सोलर सेल हर जगहों पर suitable नहीं होते हैं। इस वजह से इसका cost भी कम होता है।
Advantage of polycrystalline solar cell
- Blue colour,dark blue colour
- Multi Crystal
- Less cost
- Low maintenance
Disadvantage of polycrystalline solar cell:-
- Less efficient
- Not suitable for all location
- Depends on climage
- More space requirements
Solar tracking system:-
Solar tracking system का उपयोग सोलर पावर प्लांट में किया जाता है। Solar tracking system में solar panel sun को follow करता है, मतलब जिस direction में sun हो उसी direction में solar panels का face होगा। जिससे कि सोलर पावर प्लांट की efficiency improve होती है। सोलर ट्रैकिंग सिस्टम basically दो तरह के होते हैं,
1. Single axis
2. Dual axis
Advantage of solar cell:-
- Pollution free- solar energy प्रदूषण मुक्त होती है। जिससे कि हमारा पर्यावरण प्रदूषित नहीं होता है।
- Very low maintenance cost- solar energy बहुत ही कम खर्च मेंटेनेंस होता है ।
- Renewable energy- सोलर एनर्जी एक रिन्यूएबल एनर्जी का सोर्स है जिसका उपयोग हम बार-बार कर सकते हैं। यह प्रकृति में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है।
- Development in technology- सोलर एनर्जी का बढ़ते हुए सफलतापूर्वक उपयोग से औद्योगिक विकास में भी बढ़ोतरी आई है और भविष्य में भी तेजी से वृद्धि होने की संभावना है।
- Less electricity bill- solar energy के उपयोग से बिजली के बिल में काफी कटौती देखने को मिलती है।
Disadvantage of solar cell:-
- Starting cost is very high-सोलर पैनल इंस्टॉलेशन cost high होता है।
- Large space requirement- solar panel के installation के लिए काफी ज्यादा space का requirements होता है।
- Depends on climate -यह solar energy का सबसे बड़ा disadvantage में से एक है। बरसात के मौसम में और ज्यादा ठंड के मौसम में यह system work नहीं कर सकता है।
- Low efficiency-solar cell अन्य source के comparison में कम efficient है। इसका मुख्य कारण मौसम पर निर्भरता, सिर्फ दिन और धूप होने पर ही एनर्जी जनरेट करता है इसलिए यह कम efficient है।
Application of solar energy:-
- Solar photovoltaic plants
- Solar thermal power plants.
- Satellite application in space
- Cooking
- Heating water
Is solar power the new future? क्या सौर ऊर्जा नया भविष्य है?
हां, यह कहना एकदम सही रहेगा की सौर ऊर्जा नया भविष्य है, क्योंकि बात पर्यावरण को सुरक्षित रखने की आती है तो यह बहुत ही आवश्यक है की हम प्रदूषण को कम करने की कोशिश करें , प्रदूषण में सबसे बड़ा भागीदार औद्योगिकरण है जिसमें की बिजली का उत्पादन और बहुत सारे उद्योग भागीदार और बढ़ता हुआ शहरीकरण भी पर्यावरण प्रदूषण में भागीदार है। पर्यावरण प्रदूषण को कम करने के लिए हमें कोयला पेट्रोलियम आदि का उपयोग कम से कम करना होगा उसके लिए नवीकरणीय ऊर्जा का उपयोग ज्यादा से ज्यादा करना होगा, नवीकरणीय ऊर्जा का सबसे अच्छा उदाहरण है सौर ऊर्जा ।
बात अगर भारत देश की की जाए तो भारत सौर ऊर्जा उत्पादन में काफी सक्षम देश है। इसका कारण क्या है की भारत एक उष्णकटिबंधीय देश है और भारत पूरे वर्ष लगभग 3000 घंटों के बराबर सूर्य का प्रकाश प्राप्त करने में सफल है अगर हम इतनी धूप को बिजली में बदलें तो 500000000000kw के बराबर है
भारत की भौगोलिक स्थिति ऐसी है की लगभग वर्ष के 300 दिन धरती पर धूप आती ही है ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा की भारत में सौर ऊर्जा का भविष्य स्वर्णिम है।
बिजली उत्पन्न करने के लिए conventional sources जैसे कोयला, पेट्रोलियम, जीवाश्म आदि का उपयोग करना काफी महंगा होता जा रहा है। इन्ही बातों को ध्यान में रखते हुए लोग बिजली उत्पादन के लिए सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक हो रहे हैं एवं राज्य तथा केंद्र सरकारें भी सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए सुविधाएँ प्रदान कर रही हैं। भारत में सौर ऊर्जा बहुत तेज़ी से उभरकर सामने आ रही है और घरों के अलावा लोग ऑफिस, फैक्ट्रियों, आदि में भी सौर ऊर्जा से उत्पन्न बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि बिजली की बढ़ती कीमत ही एकमात्र कारण नहीं है कि लोग सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक हो रहे हैं बल्कि समय के साथ साथ लोगों में पर्यावरण के लिए भी जागरूकता बढ़ गयी है। बिजली उत्पादन के लिए इस्तेमाल होने वाले पारम्परिक संसाधनों के कारण ग्लोबल वार्मिंग यानी धरती के तापमान में बढ़ोत्तरी होती है
प्रदूषण से निपटना और पर्यावरण संरक्षण इस समय वैश्विक विमर्श का एक प्रमुख विषय है। नवीकरणीय ऊर्जा के माध्यम से भारत पर्यावरणीय संकट को निपटने में अहम भूमिका निभा रहा है। इस समय भारत नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादक विश्व के शीर्ष तीन देशों में शामिल है। केवल रीवा अल्ट्रा मेगा सोलर परियोजना से लगभग 15.7 लाख टन कार्बन डाईआक्साइड का उत्सर्जन रोका गया है। यह धरती पर ढाई करोड़ से अधिक पेड़ लगाने के समतुल्य है।
भारत सरकार ने राष्ट्रीय सोलर मिशन पहल की शुरुआत की है। केंद्र सरकार के अनुमान के अनुसार वर्ष 2030 तक भारत में नवीकरणीय ऊर्जा पर भागीदारी 40 प्रतिशत औऱ वर्ष 2035 तक 60 फीसदी हो सकती है।